सैंज घाटी के एचपीपीसीएल सौ मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट में एचसीसी एडिट वन पर काम कर रहे आठ मजदूरों को कंपनी ने 31 दिसंबर को निकाल दिया है। आरोप है कि इन मजदूरों को फाइनल पर मिलने वाला पैसा भी नहीं दिया गया है। इसके चलते मजदूरों ने क्रशर का काम बंद कर दिया है।
गौरतलब है कि बारह दिन से ये मजदूर एचसीसी के एडिट वन की क्रशर साइट पर डटे हुए हैं। मजदूर अनिरुद्ध, भागीरथ, लालचंद, मोहर सिंह, चेत राम, केहर सिंह, जयसिंह और हुक्म राम ने बताया कि वे चार साल से कंपनी में काम कर रहे थे, लेकिन 31 दिसंबर को कंपनी ने उन्हें काम से निकाल दिया। आरोप लगाया कि कंपनी ने अभी तक मजदूरों को फाइनल नहीं दिया है। इसके चलते उन्होंने क्रशर का काम बंद कर रखा है। मजदूरों ने कहा कि काम तब तक शुरू होने नहीं दिया जाएगा, जब तक कंपनी मजदूरों का फाइनल (पूरा हिसाब-किताब) नहीं करती।
मजदूरों ने कहा कि वह इस संबंध में उपायुक्त से भी मदद की गुहार लगाएंगे। इसके बाद भी कंपनी ने मजदूरों का पैसा नहीं दिया तो मजबूरन साइट पर काम को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। एचसीसी कंपनी के अधिकारी नरेश बहरा ने कहा कि 20 जनवरी तक मजदूरों को पैसा दे दिया जाएगा।