आपदा में पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ के कारण पहुंचा है नुकसान
10 जनवरी से किया जा रहा मरम्मत का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। जुलाई 2023 की आपदा में सैंज घाटी की पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से 520 मेगावाट की पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-तीन को करोड़ों का नुकसान हुआ है। बाढ़ से परियोजना के सिउंड स्थित डैम को भारी क्षति पहुंची है। इसकी मरम्मत के कारण यहां बिजली का उत्पादन दो महीने से ठप पड़ा हुआ है।
बाढ़ से परियोजना के 43 मीटर ऊंचे डैम में आई खराबी को फौरी तौर पर दुरुस्त कर अगस्त 2023 से 10 जनवरी 2024 तक विद्युत उत्पादन किया गया लेकिन डैम की स्थायी मरम्मत के चलते 10 जनवरी से पावर स्टेशन की चारों टरबाइनें बंद पड़ी हुई हैं। परियोजना का संचालन कर रही कंपनी एनएचपीसी के बांध में आई तकनीकी खराबी को लेकर गंभीर है।
कंपनी के दर्जनों इंजीनियर और मजदूर दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। एनएचपीसी को परियोजना में ऊर्जा उत्पादन बंद होने से बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। विशेषज्ञ इंजीनियरों का दल बांध का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। परियोजना प्रबंधन ने 24 मार्च तक मरम्मत कार्य पूरा कर बिजली उत्पादन के लिए टरबाइन चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
एनएचपीसी के महाप्रबंधक प्रकाश चंद ने बताया कि बाढ़ से डैम में तकनीकी खराबी आई है। आपदा के चार माह तक हल्की मरम्मत कर उत्पादन जारी रखा। 10 जनवरी से स्थायी रूप से मरम्मत का काम चल रहा है। 24 मार्च से उत्पादन शुरू किया जाएगा। संवाद