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निचले क्षेत्रों में प्लम सीजन ने पकड़ी रफ्तार

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कुल्लू। गर्मियों का प्रकोप बढ़ते ही अब प्लम में रंग आना शुरू हो गया है। जून के दूसरे सप्ताह में अब घाटी के निचले क्षेत्रों भुंतर, हुरला, थरास, गड़सा, शमशी, जिया और खराहल में भी बागवानों ने प्लम तुड़ान शुरू कर दिया है।
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कोरोना कर्फ्यू में जहां पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की है, वहीं बागवान अब अपने बगीचों में ही व्यस्त हो गए हैं। अधिकतर बागवानों ने तुड़ान के लिए स्थानीय मजदूरों को लगाया हुआ है। उन्हें 500 रुपये तक दिहाड़ी दी जा रही है। प्लम सीजन का आगाज होने के बाद स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के द्वार खुल गए हैं। कोरोना के चलते पिछले दो महीनों से बेरोजगार हुए कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। कोरोना के बीच बागवानों को प्लम के बेहतर दाम मिल रहे हैं। बागवानों को प्लम के 70 रुपये प्रति किलो तक दाम मिल रहे हैं। हालांकि आने वाले दिनों में दाम कम होने का अनुमान है। हालांकि विटामिन सी और मिनरल से भरपूर सेंटा रोजा प्लम की मंडियों में खूब मांग है। उधर, बंदरोल सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन के अध्यक्ष मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि प्लम का तुड़ान आरंभ होते ही मंडियों में काफी अधिक प्लम आने लगा है। मंडियों में सोमवार से और अधिक प्लम पहुंचने की उम्मीद है। बाहरी राज्यों से व्यापारी मंडियों में आ रहे हैं। कुछ व्यापारी पहले ही आ चुके हैं। बागवानों को उत्पादों के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
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