कुल्लू। जून माह में सेब झड़ने से बागवान चिंतित हैं। बागवानी को मौसम से नुकसान कम नहीं हो रहा है। जिला कुल्लू में शुक्रवार देर रात को गरजन के साथ मूसलाधार बारिश हुई है। तूफान के साथ हुई बारिश से कई जगहों पर फलदार पौधों को नुकसान भी हुआ है।
जिला कुल्लू में शुक्रवार को भारी बारिश हुई। लेकिन बारिश के साथ चले तूफान से बागवानी को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। जिला कुल्लू के बाह्य सराज से लेकर बंजार, सैंज, पार्वती घाटी सहित ऊझी घाटी में तेज बारिश हुई है। मूसलाधार बारिश के साथ चले तूफान से सेब, प्लम और खुमानी को अधिक नुकसान हुआ है। प्लम की फसल तैयार होने तथा इसका बीमा नाजुक होने से अधिक क्षति हुई है। बागवान हीरा लाल, झाबे राम, केहर सिंह तथा मंगत राम ने कहा कि सेब की फसल पर मौसम कहर बनकर बरस रहा है। पहले अचानक बर्फबारी से फ्लावरिंग व सेटिंग को खराब किया और इसके बाद ओलावृष्टि ने बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अब बारिश व अंधड़ से नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने सरकार से प्रभावित बागवानों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। हालांकि बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली, वहीं सेब और नाशपाती के लिए बेहतर मानी जा रही है। इससे साइज अच्छा बनने के साथ ही गुणवत्ता भी आएगी।उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. विद्या प्रकाश बैंस ने कहा कि बारिश व तूफान से बागवानी को नुकसान की सूचना मिली है। कहां कितना नुकसान हुआ है, इसकी रिपोर्ट सभी फील्ड अधिकारियों से मांगी गई है।