एनडीआरएफ की पांच से छह टीमें कर रही है लापता की तलाश
खराब मौसम के कारण सैंज नहीं आ सके मुख्यमंत्री सुक्खू
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज/कुल्लू। जीवानाला में बादल फटने के बाद हुई तबाही के निशान लोगों को डराने लगे है। कहीं गहरी खाइयां तो कहीं मलबे के ऊंचे पहाड़ खड़े हो गए है। ऐसे में एक ही परिवार के तीन लापता लोगों को तलाश करना न केवल एनडीआरएफ के लिए चुनौती है बल्कि प्रशासन के लिए परेशानी बन गया है।
शुक्रवार को दूसरे दिन एनडीआरएफ की टीम ने अपना तलाशी अभियान शुरू किया है। अपने सभी उपकरणों के साथ उतरे एनडीआरएफ के जवानों ने पांच से छह टीमें बनाई है और अलग-अलग जगहों पर तलाश कर रहे है। मगर देर शाम तक चले
अभियान में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। एनडीआरएफ, पुलिस ने जीवानाला के बिहाली गांव से लेकर तलाड़ा तक अलग-अलग संवदेनशील जगहों पर तलाश की।
जीवानाला में आई भयानक बाढ़ में ऐसी तबाही मचाई है कि बिहाली गांव के पांच घरों व गोशालाओं का मौके पर किसी तरह का नामोंनिशान तक नहीं रखा है। वहीं सिउंड के पास बने पुल पर गिरे मलबे को भी हटाया दिया है। सैंज से लेकर सिउंड तक तहस नहस सड़क को नए सिरे से बनाने के काम लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दिया है। बाढ़ग्रस्त सैंज के लोगों की दुख-दर्द जानने के लिए मुख्यमंत्री को भी आना था। इसके लिए प्रशासन की तरफ से सभी तरह की तैयारियों को पूरा कर दिया था। मगर मौसम के खराब रहने से हेलीकाप्टर नहीं उड़ पाया और बाद में दौरा रद्द हो गया। इसके लिए प्रशासन के कई अधिकारी व कांग्रेस के कई नेता भी सैंज पहुंच गए थे।
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