कुल्लू। जिले में ब्यास, पार्वती और पिन पार्वती नदी में लगे पत्थर और मलबे के ढेरों को हटाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को मलबे के ढेरों को हटाने की मंजूरी दे दी है। इससे सरकार को रॉयल्टी भी मिलेगी।
प्रशासन ने डेढ़ माह पूर्व जिले के नौ विभिन्न स्थानों पर आपदा के दौरान आई बाढ़ से नदियों के रुख बदलने से बने टापुओं को हटाने का काम शुरू किया था। टापुओं का मलबा किनारे किया गया। उसके बाद मलबे को हटाने के लिए सरकार से मंजूरी नहीं मिल पाई थी।
इससे जिलेभर में करीब 44 जगहों पर नदी-नालों में मलबे को हटाने का काम रुक गया था। इस संबंध में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसके बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई और मलबे के ढेर हटाने की मंजूरी दी है। प्रशासन ने भी इसके लिए टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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आपदा में नदियों ने मचाई थी तबाही
जिले में आपदा के दौरान ब्यास के साथ पार्वती और पिन पार्वती नदियों ने तबाही मचाई थी। जगह-जगह नदियों ने रुख बदलकर सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। जिले में करीब 44 ऐसे टापू चिह्नित किए गए जो संपत्ति के साथ जानमाल को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सरकार ने इन टापुओं से मलबा हटाने और नदी को पुराने बहाव में परिवर्तित करने की कवायद शुरू की। प्रथम चरण में जिले में नौ जगहों से मलबा एकत्रित किया गया। इसमें ब्यास पर छह, पार्वती पर दो तथा पिन पार्वती में एक जगह पर काम हुआ है।
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नदियों से मलबे के ढेरों को हटाने के लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। मलबा हटाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जो लोग नियमों को पूरा करेंगे, उन्हें ही मलबा हटाने के अनुमति दी जाएगी।
-विकास शुक्ला, एसडीएम कुल्लू