रोहतांग दर्रा बहाल होने के बावजूद लाहौल घाटी में सैलानी नहीं पहुंच रहे हैं। इससे पर्यटन कारोबारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। एनजीटी के आदेश के चलते मनाली से रोहतांग की ओर अभी तक पर्यटकों को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सैलानियों की चहल-पहल बिना तमाम होटल कारोबारियों का कारोबार ठप पड़ा हुआ है। लाहौल-स्पीति होटल एसोसिएशन ने कहा कि एनजीटी के आदेश रोहतांग दर्रा को लेकर जारी हुआ है।
ऐसे में रोहतांग से आगे लाहौल घाटी की ओर रुख करने वाले सैलानियों को भी घाटी आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीर सिंह ने बताया कि पूर्व सीपीएस एवं वूल फेडरेशन के अध्यक्ष ठाकुर रघुवीर सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने डीसी से भेंट कर गुलाबा स्थित बैरियर में लाहौल आने वाले पर्यटकों को परमिट जारी करने की मांग उठाई है। ठाकुर रघुवीर सिंह ने बताया कि एसोसिएशन के आग्रह पर उन्होंने इस मसले को डीसी के समक्ष उठाया है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नावांग और कोषाध्यक्ष शरब राला कारपा ने कहा कि सैलानियों को घाटी की ओर जाने के लिए अनुमति नहीं मिलने से लाहौल का पर्यटन कारोबार चौपट हो गया है। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए लोगों ने लाखों रुपये बैंक से लोन लेकर होटलों का निर्माण किया है, लेकिन पर्यटकों के घाटी नहीं पहुंचने से पर्यटन कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शरब राला कारपा ने बताया कि मामले को लेकर स्थानीय विधायक रवि ठाकुर, उपायुक्त कुल्लू और बीआरओ के कमांडर ने भी मनाली-केलांग सड़क की हालात को लेकर फोन पर बात की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष वीर सिंह ने मांग की है कि लाहौल-स्पीति की तरफ आने वाले सैलानियों को ऑनलाइन परमिट से छूट दी जाए और गुलाबा बैरियर पर ही पर्यटकों को परमिट जारी किया जाए।