बाढ़ बहा ले गई थी सात पैदल पुल, ठंडे बस्ते में नए झूले लगाने की मांग
बिहाली, न्यूली और स्तेश गांव में लगे पुल भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जून की बाढ़ में पिन पार्वती नदी ने सात पैदल पुल बहा दिए लेकिन अब तक उन जगहों पर कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। लोग अब भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
केवल बिहाली, न्यूली और स्तेश में ही झूले लग पाए हैं। वे भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। चार गांवों के लोग अब भी जीवन के खतरे को आमंत्रित कर रहे हैं। सैंज वैली विकास समिति ने प्रशासन और एचपीपीसीएल से पुल बनाने की मांग की है लेकिन काम अभी तक ठंडे बस्ते में है। स्तेश और न्यूली में वर्ष 2023 में झूले लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि ये झूले भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जून महीने में आई बाढ़ के दौरान न्यूली, स्तेश, नुनुरीवली, दरमेहडा, करटाह, निडाहरा, बिहाली और सिउंड में लगे पैदल पुल बह गए थे। इनमें अब न्यूली, स्तेश और बिहाली में ही नदी को पार करने के लिए विकल्प के तौर पर झूले लगे है जबकि चार गांवों के लोगों के पास कोई भी विकल्प नहीं है उन्हें जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।
सैंज वैली विकास समिति के अध्यक्ष बुधराम ने बताया कि इसको लेकर हालांकि क्षेत्र के लोगों की ओर से एचपीपीसीएल से इन पैदल पुल को बनाने की मांग की थी लेकिन एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने कहा है कि वह प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रारूप के हिसाब से काम करेंगे। ऐसे में सैंज वैली विकास समिति ने अब तहसीलदार सैंज के माध्यम से एक मांगपत्र जिला प्रशासन को भेजा है। इसके माध्यम से उपरोक्त सात गांवों के लिए नदी पर पैदल पुल स्थापित करने की मांग की है। प्रशासन ने लोगों को उम्मीद दी है कि इस मामले को प्रोजेक्ट प्रबंधन के समक्ष उठाया जाएगा ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।