कुल्लू के सरवरी में शिवरात्रि मेले में नाटी डालते लोकनृतक।
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कुल्लू। सरवरी में सोमवार को दो दिवसीय महाशिवरात्रि मेले का समापन हो गया। मेले के अंतिम दिन देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन हुआ। देव मिलन करने के बाद सभी देवता अपने-अपने देवालयों की ओर रवाना हुए।
इस मैदान में अब ये देवता दशहरा उत्सव के दौरान एकसाथ देखने को मिलेंगे। सुबह से लेकर शाम तक भूतनाथ मंदिर से आए देवता संगम महादेव, देवता पांचवीर, देवता वनशीरा, देवता घटोत्कच के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने देवताओं के आगे शीश नवाया। दोपहर बाद कुल्लवी नाटी का सिलसिला शुरू हुआ।
लोगों ने वाद्ययंत्रों की थाप पर कुल्लवी नाटी डाली। कुल्लवी नाटी का दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया। भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि मेला हर साल महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। शहर में मनाए जाने वाले इस मेले को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि देव संस्कृति कुल्लू की पहचान है। इसे संजोए रखने के लिए युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है। संवाद