बिजली महादेव मेले में उमड़ी लोगों की भीड़ व देवी-देवता
खराहल (कुल्लू)। जिले में खराहल घाटी की चोटी पर स्थित बिजली महादेव मंदिर (मथाण) की वादियां रविवार को वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों से गूंज उठीं। देवता बिजली महादेव ने रविवार को देवता माहुटी नाग लारीकोट, छमाहणी नारायण छमाहण, माता भागासिद्ध पीणी, माता दशमी वारदा और देवता ब्रिंडू काईस के साथ बिजली महादेव की परिक्रमा की। मेले के आखिरी दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
इससे पहले सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर करीब 1:30 बजे बिजली महादेव की परिक्रमा की तैयारियां शुरू हो गईं। दोपहर 2:00 बजे के बाद देवता बिजली महादेव, देवता माहुटी नाग, छमाहणी नारायण, माता भागासिद्ध, माता दशमी वारदा, देवता ब्रिंडू देवालय से बाहर निकले। परिक्रमा के दौरान देवताओं के गूरों ने देवखेल की। देवखेल देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। परिक्रमा पूरी होने के बाद बिजली महादेव मंदिर के समीप ही देवी-देवताओं ने देवनृत्य भी किया। सभी परंपराओं का निर्वहन करने के बाद माता दशमी वारदा चंसारी और माता भागासिद्ध ने बंदल गांव के लिए प्रस्थान किया। सोमवार को काहिका की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
बिजली महादेव में दर्शन के लिए गए ओम भारती और कुलदीप सिंह ने कहा कि मेले में खराहल, कशावरी फाटी सहित पूरे कुल्लू जिले से लोग शामिल हुए। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष एवं माता दशमी वारदा के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि बिजली महादेव मेले में देव परंपराओं का निर्वहन किया गया है। संवाद