कुल्लू। दशहरा को आए हुए देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। बुधवार को भगवान रघुनाथ, बिजली महादेव, माता हिडिंबा, आदि ब्रम्हा और देवता जमदग्रि ऋषि सहित अन्य देवताओं के शिविरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भगवान रघुनाथ मंदिर में दिनभर चहल-पहल बनी रही। भजन-कीर्तन के चलते यहां पर माहौल भक्तिमय बना रहा। इससे पहले सुबह के समय ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। देवताओं के उपस्थिति के चलते ढालपुर देवलोक में बदल गया है।
सुबह करीब 11:00 बजे नरोगी की माता भागासिद्ध लाव-लश्कर के साथ भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में आईं। यहां से माता शियाह के देवता जमदग्नि ऋषि के शिविर में गईं। जहां पर माता भागासिद्ध का शियाह के देवता जमदग्रि ऋषि, सीस के देवता जमदग्रि ऋषि के साथ भव्य देवमिलन हुआ। माता ने गूर के माध्यम से भी अपनी बात कारकूनों के समक्ष रखी। इसके बाद माता भागासिद्ध का देवमिलन काईस की माता दशमी वारदा से भी हुआ। वहीं, हुरगू काली नारायण और पाहनाला के देवता सप्तऋषि का भी भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर के समीप भव्य देवमिलन हुआ। इसके साथ देवता श्रृंगा ऋषि और देेवता काली नाग भी भक्त के निमंत्रण पर लोअर ढालपुर गए। दोपहर बाद देवता अपने अस्थायी शिविरों को वापस लौटे। अधिकतर देवी-देवता कुल्लू दशहरा के दौरान ही आपस में मिलते हैं। दूसरे दिन देवमिलन को देखने श्रद्धालु उमड़े। विदेशी मेहमानों ने इन यादगार लम्हों को कैमरे में भी कैद किया।