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लोगों को सता रही ब्लैकआउट की चिंता

Fri, 27 Nov 2015 05:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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जिले में नवंबर माह के अंत में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू होते ही जिलावासियों की चिंता भी बढ़ने लगी है। लोगों को आशंका है कि कहीं पिछली बार की तरह इस बार भी उन्हें ब्लैकआउट का सामना न करना पड़े। जिले के कई क्षेत्रों में बिजली की लो वोल्टेज की समस्या पहले से ही चल रही है।
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 कई इलाकों में तो दो-तीन दिन तक बत्ती गुल रहती है। जबकि, दुर्गम इलाकों में बिजली को लेकर लोगों की अक्सर शिकायत रहती है। ऐसे में सर्दियों में होने वाली बर्फबारी से पार पाना बिजली बोर्ड के लिए आसान नहीं होगा। गौरतलब है कि जिला कुल्लू में पिछली साल 14 दिसंबर को हुई भीषण बर्फबारी के बाद सात दिन के लिए अंधेरा छा गया था। कुल्लू शहर सहित सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे रहे थे। हालांकि, कुछ गांवों में बिजली बहाल होने में एक माह का समय लगा था। मणिकर्ण घाटी के परस राम, विनोद कु मार, बंजार के लोत राम, बेली राम, सैंज के कालू राम और मोती लाल ने कहा कि विद्युत लाइनें पिछली साल जिस हालत में थीं, वे इस साल भी उसी हालत में हैं।

ऐसे में अगर दिसंबर से लेकर फरवरी तक भारी बर्फबारी होती है तो उन्हें एक बार फिर से ब्लैक आउट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, विद्युत बोर्ड ने सीमेंट वाले पोलों को हटाकर लोहे के पोल स्थापित कर दिए हैं लेकिन भारी बर्फबारी से ब्लैक आउट से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता हरिंद्र ठाकुर ने कहा कि बिजली की समस्या से निपटने के लिए तीन महीने पहले से तैयारी की जा रही है। जिन पेड़ों के टूटने से लाइन बाधित हो सकती हैं, वहां से टहनियों को हटा दिया गया है। बिजली के पोल और लाइनों को दुरुस्त कर दिया गया है।
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