कुल्लू। राज्य सरकार अगर कर्मचारियों और पेंशनरों की अनदेखी करती रही, तो आंदोलन किया जाएगा। अब पेंशनरों के सब्र का बांध टूटने लगा है। यह बात हिमाचल प्रदेश जॉइंट पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष एलआर गुलशन और महासचिव खुशहाल चंद नेगी ने कही। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से कुल्लू में मिला।
उन्हें मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 और उसके उपरांत सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को संशोधित वेतनमान का बकाया एरियर का भुगतान करने, ग्रैच्युटी, पेंशन कम्युटेशन, लीव इनकैशमेंट के एकमुश्त भुगतान और महंगाई भत्ते की पांच किस्तें जारी करने की मांग उठाई है। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग पेंशनरों की सुविधा के लिए कुल्लू सहित सभी जिला मुख्यालयों में पेंशनर भवन के निर्माण का मुद्दा भी कैबिनेट मंत्री के समक्ष उठाया गया।
संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक शीघ्र बुलाने की मांग दोहराई गई। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भी पेंशनरों और कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जारी न करने को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष (महिला विंग) चिंतपूर्णा शर्मा, निशा वर्मा, मनोरमा डोगरा, सुरेश कुमार, तेज सिंह ठाकुर मौजूद रहे। संवाद