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Kullu News: कुल्लू अस्पताल में इलाज की उम्मीद में नाउम्मीद हुए मरीज

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कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में हड़ताल के दौरान खाली पड़ी कुर्सिया।-संवाद
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कुल्लू। जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज की उम्मीद में पहुंचे मरीज सोमवार को भी हताश हुए। अस्पतालों में ओपीडी बंद रहने से उन्हें उपचार करवाए बिना घर लाैटना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में कुछ मरीज तो 50-60 किलोमीटर दूर सैंज, बंजार से आए थे।
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चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीजों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। चिकित्सक खुद की सुरक्षा के लिए कानून लाने की मांग कर रहे हैं जबकि कोलकाता में महिला प्रशिक्षु डाॅक्टर की हत्या, दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सोमवार सुबह 9:30 बजे से पहले ही मरीज अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए थे। पर्ची काउंटर पर जाने के बाद पता चला कि डॉक्टर ओपीडी में नहीं मिलेंगे। इससे मरीज घर लाैटना शुरू हो गए। सुबह करीब 10:00 बजे क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के सभी डॉक्टर भवन के मुख्य गेट के समीप एकत्रित हुए। डॉक्टरों ने अपना रोष प्रकट कर हत्या एवं दुष्कर्म मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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रक्षाबंधन के चलते अस्पताल में आने वालों की संख्या कम थी। सुबह 11:00 बजे तक नेत्र रोग, महिला एवं पुरुष ओपीडी, शिशु रोग ओपीडी, मेडिसिन आदि ओपीडी के बाहर कुर्सियां खाली हो गईं। मरीजों ने ओपीडी के बाहर इंतजार करने के बजाय लौटना उचित समझा। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के ट्रामा सेंटर में आपातकाल सेवाएं जारी रहीं। यहां पर दिनभर सामान्य रूप से मरीजों का उपचार चलता रहा।
हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. कल्याण ठाकुर ने कहा कि सेंट्रल हेल्थ वर्कर्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि आईएमए, एफओआरडीए और एफएआईएमए के समर्थन में हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन कुल्लू इकाई ने सोमवार को भी अपनी चिकित्सा सेवाएं बंद रखीं।

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सुबह अपने रिश्तेदार को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल लाया था, लेकिन यहां पहुंचकर पता चला कि ओपीडी बंद रहेगी। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा है। आम जनता को इस तरह की हड़ताल से दिक्कतें होती हैं।
-साहिल मेहता, धाउगी, सैंज

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समस्या का जल्द निपटारा किया चाहिए, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी की नियमित सेवाएं मिलें। निजी अस्पतालों में हिमकेयर कार्ड का लाभ भी अब प्रदेश सरकार ने बंद किया है, ऐसे में अब गरीब आदमी उपचार के लिए कहां जाए।
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-युकेश, चनौन, बंजार
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