लिहाजा कोरम पूरा न होने के चलते बैठक रद्द करनी पड़ी। भाजपा का दावा था कि 22 में 16 बीडीसी सदस्य उनकी पार्टी के हैं। नियमानुसार पहली बैठक में कोरम पूरा करने के लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए।
लिहाजा मंगलवार को हुई पहली बैठक में कुल 15 बीडीसी सदस्यों का बैठक में मौजूद रहना लाजिमी था। भाजपा के 14 बीडीसी तो पहुंचे पर 15वें सदस्य का इंतजार करते-करते एक बज गया, लेकिन भाजपा का 15वां बीडीसी नहीं आया।
ऐसे में भाजपा की ओर से पार्टी स्तर पर पहले से घोषित अध्यक्ष अनीता और उपाध्यक्ष अमरचंद के सपनों पर पानी फिर गया। विधायक गोविंद ठाकुर ने कहा कि पार्टी से गद्दारी करने वाले को इसकी सजा जरूर मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उनके साथी को बहकाने और गायब करने में कांग्रेस का हाथ है, जबकि मनाली कांग्रेस अध्यक्ष भुवनेश्वर गौड ने कहा कि भाजपा उनके सदस्यों को जबरन पकड़ कर बैठक में ले गई।
एसडीएम ज्योति राणा ने कहा कि अब 24 जनवरी को दूसरी बैठक बुलाई है। इसमें 22 में से 11 बीडीसी के हाजिर रहने पर भी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा।