कुल्लू के अटल सदन में क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन के संबाेधित करते हुए।-संवाद
कुल्लू में तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का समापन
आठ राज्यों से आए विद्वानों को वितरित किए प्रमाण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अटल सदन में आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का सोमवार को समापन हो गया। समापन पर लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने शिरकत की।
इस दौरान उन्होंने उपस्थित विद्वानों और छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत से हमारी संस्कृति है। संस्कृत को बढ़ावा देना जरूरी है। खासकर वैदिक मंत्रों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। इसके चलते हमें इन्हें रोज के जीवन में ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से वैदिक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और लोगों में वैदिक संस्कृति के प्रति जागरूकता होगी और हमारी पुरातन संस्कृति का संरक्षण हो पाएगा। इसके चलते इस तरह के आयोजन समय समय पर होते रहने चाहिए।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्तशासी संस्था महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन तथा श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय, रघुनाथपुर, कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के समापन पर आयोजक डाॅ. ओम कुमार ने कहा कि तीन दिन तक चले इस कार्यक्रम में वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया। इससे यहां की धरती पवित्र हो गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजन के प्रयास किए जाएंगे। सम्मेलन में आठ राज्यों के विद्वानों ने हिस्सा लिया और यहां आकर वैदिक पाठ किया। इस मौके पर विद्वानों को सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।