कुल्लू। लगघाटी के तिउण की माता फुंगणी ने अपने पवित्र स्थल धार में लावारिस पशुओं को छोड़ने वालों पर दंड लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश माता के प्राचीन स्थान धार में आयोजित मेले में दिए। इस मेले में माता फुंगणी तिउण और चौहार घाटी की माता फुंगणी और लगघाटी के पंचाली नारायण देव ने हारियानों के साथ भाग लिया। मेले में देव परंपरा का निर्वहन किया गया। इस दौरान देवी-देवताओं ने क्षेत्र में लावारिस छोड़े जा रहे पशुओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। माता ने हारियानों को आदेश दिए हैं कि क्षेत्र में किसी भी सूरत में लावारिस पशुओं को छोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए, उन्हें दंडित किया जाए।
फुंंगणी माता के कारदार रामलाल ठाकुर ने बताया कि माता ने आदेश में बताया है कि क्षेत्र को पवित्र और स्वच्छ रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने क्षेत्र की जनता और हारियानों से अपील की है कि देव आदेश का पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि धार मेले में प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया गया। इसमें लगवैली के साथ चौहारघाटी के हारियानों ने परंपरा का निर्वहन किया है।