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Kullu News: एक सड़क, तीन विभाग, सबने ही झाड़े हाथ

Mon, 09 Feb 2026 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग पर फोरलेन पुल से झाड़ग बेली ब्रिज तक सड़क का कोई खेवनहार नहीं
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खस्ताहाल सड़क पर वाहन चलाने से कतरा रहे चालक, बोले- टूट रहे हैं वाहनों के कलपुर्जे
कोई नहीं उठा रहा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क के 150 मीटर हिस्से की मरम्मत की जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। पर्यटन नगरी से सटे कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग पर नए फोरलेन पुल से झाड़ग बेली ब्रिज तक लगभग 150 मीटर सड़क का कोई खेवनहार नहीं है। आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। परिणामस्वरूप खस्ताहाल सड़क पर वाहन चलाने से लोग कतराने लगे है। वाहनों के कलपुर्जे भी टूट रहे हैं।
दरअसल, फोरलेन पुल का निर्माण होने के बाद यह सड़क एनएचएआई के अधीन आ गई है जबकि एनएचएआई की सड़क राईट बैंक से सीधा फोरलेन पुल से जुड़ रही है।. इससे आगे लेह की तरफ जाने वाली सड़क बीआरओ के अधीन है। लेफ्ट बैंक में फोरलेन पुल से झाड़ग बेली ब्रिज तक की सड़क का कोई खेवनहार नहीं है। झाड़ग से आगे कुल्लू तक पूरा वामतट लोक निर्माण विभाग के अधीन है लेकिन 150 मीटर लंबी यह सड़क बेसहारा छोड़ी गई है। इस साल अगस्त में ब्यास की बाढ़ में सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया था। प्रशासन ने अपने स्तर पर सड़क को खोल तो दिया लेकिन अब इसकी मरम्मत के लिए एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एनएचएआई का कहना है कि सड़क को लोक निर्माण विभाग के सुपुर्द किया जा रहा है। इसकी औपचारिकता कि जा रही है जबकि लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क एनएचएआई की है। इसे स्थायी तौर पर बनाने के लिए एनएचएआई से 3.50 करोड़ का बजट मांगा गया है जो अभी तक नहीं मिला। स्थानीय निवासी सुरेश कुमार ने कहा कि नए पुल से झाड़ग पुल तक की सड़क बहुत ही खराब है। सड़क में वाहनों को चलाना खतरनाक होता जा रहा है। यहां पर वाहनों के कलपुर्जे टूटने का तक भय है। संबंधित विभाग को इस बारे में जल्द कदम उठाने चाहिए। किशन ठाकुर ने कहा कि फोरलेन बनने के बाद इस सड़क की किसी ने सुध नहीं ली। कई सालो से सड़क लावारिस है। आपदा में सड़क का नामोनिशान ही मिट गया था। अब वाहन तो चल रहे हैं लेकिन वाहन चलाना खतरनाक है। यहां बड़े बड़े गड्ढे होने से वाहन खालक हिचकोले खा रहे हैं।
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एनएचएआई के परियोजना अधिकारी वरुण चारी ने कहा कि सड़क लोक निर्माण विभाग के सुपुर्द की जानी है। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। जहां तक 3.50 करोड़ के बजट की बात है, वह अभी उनके ध्यान में नहीं है। अधीनस्थ अधिकारियों से वह इस बारे में चर्चा करेंगे।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आकाश सूद ने कहा कि सड़क एनएचएआई की है। इसे स्थायी तौर पर बनाने के लिए लगभग 3.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग ने एनएचएआई से इसके लिए बजट मांगा है। अभी तक बजट का प्रावधान नहीं हुआ है।
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