कुल्लू घाटी में मंगलवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश से कई सड़क भूस्खलन से प्रभावित है। कोटलानाला व माशनूनाला के पास हुए भारी भूस्खलन से औट-लूहरी हाइवे-305 पर यातायात बंद हो गया है। इस कारण जलोड़ी दर्रा के पार खनाग में एचआरटीसी कुल्लू की तीन बसें फंस गई है। इसके अलावा भूस्खलन के खतरे को देखते व एहतियात के तौर पर घाटी में करीब एक दर्जन मार्गों पर एचआरटीसी कुल्लू ने बसों को गंतव्य तक नहीं भेजा है।
बुधवार दोपहर तक हुई भारी मूसलाधार बारिश से जिला की जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। हाइवे-305 बंद होने से कुल्लू से बाह्य सराज आनी, निरमंड व रामपुर की ओर जाने वाली सवारियों को पांच से आठ किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ा है। आरएम कुल्लू पवन शर्मा ने कहा कि भारी बारिश से घाटी का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है और कई सड़कें भूस्खलन से प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि हाइवे-305 के बंद होने से उनकी तीन बसें जलोड़ी दर्रा के पार खनाग के पास फंस गई है। कुल्लू से गई निगम की सभी बसें जलोड़ी दर्रा से वापस आ गई। उन्होंने कहा कि मौसम को देखते हुए दोपहर दो बजे कुल्लू से आनी को जाने वाली बस सेवा को भी नहीं भेजा है। कहा कि जिला के सरची, बरठीधार, जौहरी, तांदी, झूणी-मनिहार, कोटला, शोघी, रोहाचला तथा करशाला आदि सड़कों पर बसें गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई है।
उधर, ब्यास नदी व इसकी सहायक नदी-नालों के उफान पर होने से प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा है। एडीसी कुल्लू विनय सिंह ठाकुर ने कहा कि बारिश से किसी तरह का जानी नुकसान नहीं है। प्रशासन बारिश से हुए नुकसान पर नजर बनाए हुए हैं।