कुल्लू। जिले में चिलिंग आवर्स के लिए बर्फबारी होने से अब सेब की रंगत में निखार आएगा। उत्पादन बढ़ने के साथ ही सेब लालगी से भरपूर होगा। दरअसल चिलिंग आवर पूरे होने पर सेब की उत्पादन बेहतर होता है। साथ ही गुणवत्ता भी अच्छी होती है। सेब बेल्ट में 30 से 90 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है। फरवरी महीने में इतनी ज्यादा बर्फबारी दशकों बाद हुई है।
सूखे के चलते बागवानों के माथे पर खिंची चिंता की लकीरें बर्फबारी ने मिटा दी हैं। अब बागवान मौसम खुलने के बाद बगीचों में कामकाज में जुट जाएंगे। बागवान लीला प्रसाद, भाग सिंह, किशोरी लाल, करतार सिंह तथा टेक सिंह ने कहा कि बर्फ को देखकर मन खुश हो गया है। कहा कि सूखे से भी राहत मिली और मुरझाई रबी की फसलों में भी जान आ गई है।
फरवरी में करीब दस साल बाद इतनी बर्फबारी हुई है। छह दिनों तक उनके बगीचों में 30 से 45 सेंटीमीटर तक बर्फबारी रिकार्ड की गई है। सेब के बगीचों में नई जान आ गई है।
सेब के लिए बचे चिलिंग आवर्स जल्द पूरे होंगे और फसल भी बंपर होने की उम्मीद है। 2023 में जिले में मौसम की मार से सेब का उत्पादन 50 फीसदी तक गिर गया था। सेब का आकार और रंग भी फीका रहा है। इससे जिले के बागवानों को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
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बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए संजीवनी तुल्य है। जिले की पूरी सेब बेल्ट में खूब बर्फ गिरी है। इससे सेब उत्पादन पर अनुकूल असर पड़ेगा। बर्फ हटते ही बागवान अपने बचे कामकाज को निपटा सकते हैं।
-डॉ. बीएम चौहान, उपनिदेशक, बागवानी विभाग कुल्लू