लाहौल-स्पीति में ग्रामीण आजीविका अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों को 30 लाख के ऋण वितरित करते
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की जुराबें अब हिमाचल सरकार की हिम ईरा वेबसाइट पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। इसके लिए उपायुक्त राहुल कुमार ने मंगलवार को लोन दिवस पर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि लाहौल-स्पीति की जीआई टैग प्राप्त जुराबों और अन्य उत्पादों को बिक्री के लिए हिम ईरा वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया जाए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका अभियान के तहत मंगलवार को केलांग में स्वयं सहायता समूहों के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में लोन दिवस का आयोजन किया गया। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने आयोजित लोन दिवस पर उपायुक्त ने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने जिले को चालू वित्त वर्ष में 20 लाख रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य दिया था। हालांकि, जिला और विकास खंडों ने इस लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 30 लाख रुपये का ऋण वितरित किया, जो लक्ष्य का 50 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गए हैं। महिलाएं घरेलू कार्यों, खेती और पशुपालन के साथ-साथ समूहों के जरिए अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे जीआई टैग प्राप्त लाहौली जुराब और अन्य उत्पादों को हिमाचल सरकार की हिम ईरा वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान जिला के 12 अग्रणी स्वयं सहायता समूहों को 22.50 लाख रुपये के लोन चेक वितरित किए गए। जिन बैंकों ने समूहों को सर्वाधिक ऋण दिया उनके प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डीआरडीए की परियोजना उप निदेशक पारूल कटियार, एसडीएम और परियोजना निदेशक केलांग रजनीश शर्मा, बीडीओ केलांग डॉ. विवेक गुलेरिया, कांगड़ा सहकारी बैंक के प्रतिनिधि सुरेश और एलडीएम पंकज पाल उपस्थित थे, जबकि बीडीओ काजा अंशुल वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।