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Kullu News: 20,000 में कुत्ता खरीदने वालों के लिए कुछ नहीं 3,000 पंजीकरण शुल्क

Tue, 16 Dec 2025 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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शहर के लोग कर रहे फैसले की तारीफ, बोले- और बढ़ाया जाना चाहिए पंजीकरण शुल्क
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बोले- पालने के लिए कुत्ता लाते हैं और फिर लावारिस छोड़ देते हैं कुछ लोग

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सरकार की ओर से शहरी क्षेत्रों में कुत्ता पालने को लेकर पंजीकरण जरूरी कर दिया गया है। साथ में पंजीकरण और वार्षिक शुल्क के रूप में तीन हजार रुपये का शुल्क तय किया है। इसको लेकर खासकर युवा तारीफ करने लगे हैं।
सरकार के इस फैसले को अच्छा बताया है। लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति 15-20 हजार रुपये से लेकर कुत्ता खरीदने के लिए खर्च सकता है तो उसके लिए यह शुल्क कुछ भी नहीं है बल्कि इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। वैसे भी जिस रफ्तार से गली-चौराहों पर लावारिस कुत्तों की तादाद बढ़ रही है। वह भी कहीं न कहीं कुत्तों का ठीक से पंजीकरण न किया जाने का नतीजा है। लोग पहले कुत्ता पालने के लिए लाते हैं और बाद में छोड़ देते हैं।
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आने वाले समय में ऐसा न हो इसके लिए सबसे पहले पंजीकरण होना जरूरी है और नगर निकाय और सरकार के खजाने में शुल्क के रूप में धन जुटे यह भी जरूरी है। ऐसे में सरकार की ओर से कुत्ता पालने के लिए पंजीकरण और वार्षिक शुल्क तीन हजार रुपये तय किया जाना एक अच्छा कदम है। लोगों की माने तो जल्द ही शहर में लावारिस कुत्तों को भी आश्रय में डाल दिया जाना चाहिए ताकि भूखे प्यासे भटकते कुत्तों के लिए यहां खाने पीने की व्यवस्था हो सके और लोगों को भी कुत्ते के काटने का डर कम हो सके। इन तमाम समस्याओं का हल करने के लिए इस तरह के फैसले लिया जाना जरूरी है।

कुत्ता पालना लोगों का शौक है और शहर में कुत्ता लेकर घूमते हैं लेकिन साफ सफाई का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखते। सरकार ने जो पंजीकरण और वार्षिक शुल्क बढ़ाया है यह अच्छा कदम है। कुत्ते पालने का शौक पूरा करने के लिए लोग यह राशि आसानी से अदा कर सकते हैं। इससे सरकार और नगर निकाय को राजस्व भी जुटेगा जिसे कहीं विकास कार्य में भी खर्च किया जा सकता है। - सुनील धीमान, कुल्लू
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कुत्ता पालने के लिए पंजीकरण करना जरूरी कर दिया है यह फैसला महत्व रखता है और साथ में पंजीकरण और वार्षिक शुल्क तीन हजार रुपये किया जाना भी सराहनीय कदम है। जो भी कुत्ता पालने के लिए महीने में उस पर हजारों रुपये खर्च कर सकता है तो उसके वार्षिक पंजीकरण और शुल्क के रूप में तीन हजार रुपये भी आसानी से दे सकेगा। - ललित कुमार, गांधीनगर
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