हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का विरोध किया है।
सातवें वेतन आयोग द्वारा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतनमान संबंधी सिफारिशों में भारी विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार की रीढ़ माने जाने वाले चतुर्थ तथा तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के लिए आरंभिक न्यूनतम वेतन मात्र 18000 रुपये प्रस्तावित हैं जबकि उच्च पदों पर अफसरशाही का तुष्टीकरण करते हुए उन्हें ढाई लाख तक वेतन दिया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि इससे निम्न वर्ग के कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय होगा। महासंघ एनजीओ फेडरेशन के आशु गोयल ने बुधवार को समस्या को लेकर वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपा। महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता एलआर गुलशन ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में बदलाव की मांग की है।