भुंतर (कुल्लू)। लगातार दो सालों से शहर वासियों को खोखन नाला सता रहा है। हालांकि प्रशासन और स्थानीय नेताओं ने नाले का तटीकरण करने को लेकर दावे तो किए लेकिन अभी तक धरातल पर कुछ नहीं हुआ। ऐसे में खोखन नाला का खौफ कम होता दिखाई नहीं दे रहा है। जाहिर है कि यह नाला अब की बरसात में फिर से शहर वासियों को सताएगा। क्योंकि अभी तक नाला के तटीकरण के लिए न तो कोई ठोस प्रयास किए गए हैं और न ही मलबा और पानी बहने के लिए नाला में जगह बनाई गई है। जिससे शहर के लोगों के मन में अभी से ही खौफ बढ़ने लगा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान जब नाले का जलस्तर बढ़ा था तो इसका पानी और मलबा सड़क होते हुए बाजार में पानी आ गया था। जो लोगों की दुकानों में घुस गया था। स्थानीय कारोबारियों और लोगों का कहना है कि उन्होंने इसको लेकर प्रशासन से भी आग्रह किया था लेकिन अभी तक धरातल पर कुछ नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाली बरसात को लेकर अभी से ही चिंता सताने लगी है। लोगों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि समय रहते हुए इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं ताकि आने वाले समय में क्षेत्र के लोग सुरक्षित रह सकें।
खोखन नाला से बाजार को पनपे खतरे को कम करने के लिए प्रशासन और विभाग को समय रहते उचित कदम उठाने चाहिए ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। ऐसे में उपायुक्त कुल्लू और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से आग्रह है कि इस दिशा में कड़े प्रयास किए जाएं।
-रवि कुमार, स्थानीय निवासी
शहर वासियों का खोखन नाला से नुकसान न हो, इसके लिए समय रहते योजना बनाए जाने की जरूरत है ताकि धरातल पर काम शुरू किया जा सके और खतरे को कम किया जा सके।
-पंकज सेठी, व्यापारी
खोखन नाला के चैनेलाइजेशन के लिए योजना बनाई गई है। योजना के स्वीकृृत होने पर यहां कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-नितेश ठाकुर, तहसीलदार भुंतर।