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मोबाइल में नहीं नेटवर्क, बच्चे कैसे करें ऑनलाइन पढ़ाई

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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है लेकिन जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के दुर्गम क्षेत्रों के लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। लाहौल घाटी की ग्राम पंचायत मूरिंग के चार गांवों में अभी तक मोबाइल में घंटी नहीं बज पाई है। वहीं, कोरोना काल में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। मूरिंग पंचायत के गांव चोखंग, छोगजिंग, गवाड़ी और नैनगार के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हैं। दुर्गम क्षेत्र में मोबाइल में नेटवर्क नहीं है, ऐसे में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कोरोना काल में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के सारे सरकारी दावे हवा हो रहे हैं। हालांकि क्षेत्र में तैनात अध्यापक नियमों का पालन कर जैसे-कैसे बच्चों तक पहुंचकर उन्हें शिक्षा दे रहे हैं। मूरिंग पंचायत के चार गांवों के बच्चे पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। दूरसंचार क्रांति के इस युग में अब तक पंचायत में मोबाइल टावर का न लगना हैरानी भरा है। नैनगार गांव की डोलकर और बवीता ने कहा कि क्षेत्र के लोग मोबाइल फोन सुविधा के लिए लंबे अरसे से इंतजार कर रहे हैं। टावर न लगने की वजह से ग्रामीण दिक्कतों में हैं। चोखंग, छोगजिंग, गवाड़ी और नैनगार में मोबाइल नेटवर्क न होने से बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से चोखंग क्षेत्र में टावर लगाने की मांग की है।
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