सड़क सुविधा मिलने के बावजूद आज दिन तक सैकड़ों ग्रामीणों को यातायात की सुविधा मुहैया नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को मजबूरन निजी वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। वहीं, कई लोग टैक्सियों में मोटी राशि अदा कर सफर करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि गांव में बस तभी दिखाई देती है, जब सड़क का उद्घाटन होता है। उसके बाद लोगों को बस सेवा का लाभ नहीं मिलता है।
मौजूदा समय में कई रूटों पर बस मुहैया न होने से हजारों की आबादी को सड़क का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। आपातकालीन समय में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मौजूदा समय में वागन-पीज, बराग-टोल, बस्तोरी, छोयल, सेउबाग-गाहर, राउगी कोटाधार, रोगी-चतानी, रामशिला-घराकड़ आदि रूटों पर निगम की बसें नहीं चल रही हैं। हालांकि, लोनिवि ने इन रूटों को बस चलाने के लिए पास किया है।
पीज निवासी महेंद्र ठाकुर, ग्राहण निवासी प्रताप सिंह, बस्तोरी निवासी दयानंद, कोटाधार के हेमराज, गाहर पंचायत के उपप्रधान ओम प्रकाश, घराकड़ के अशोक ठाकुर आदि का कहना है कि उद्घाटन के दिन तो उनके गांवों में बसें आई थीं, लेकिन अगली सुबह से बसों की दर्शन आज तक नहीं हुए है। इस संबंध में एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा का कहना है कि स्टाफ और बसों की कमी के कारण इन रूटों पर बसों की सुविधा नहीं दी जा रही है। स्टाफ और बसें उपलब्ध होने पर प्राथमिकता के आधार पर इन रूटों पर बसें चलाई जाएंगी।