बंजार विकास खंड की वार्ड नंबर एक देहुरीधार पंचायत समिति सदस्य जयवंती ठाकुर ने सैंज घाटी के अंतिम छोर पर बसे शाक्टी मरौड़ गांवों का दौरा किया। चुुनाव जीतने के बाद पहली बार इन गांवों में पहुंचीं जयवंती ने चुुनावों में भारी समर्थन देने के लिए लोगों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आजादी के छह दशक बाद भी गाड़ापारली पंचायत के बागीक्षाड़ी, बनाऊगी, बड़ेहठा, मैल, मझाण, शुगाड़, शाक्टी मरौड़ तथा शांघड़ पंचायत के लपाह गांवों में आज तक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इन गांवों में सड़क पहुंचना तो दूर बल्कि बिजली तक नसीब नहीं है। यहां के बच्चों को सिर्फ सूर्य की रोशनी में पढ़ाई करनी पढ़ती है।
बीमार होने पर लोगों को 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है। समिति सदस्य ने पार्क प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि आधा दर्जन गांव विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क एरिया में आते हैं। इससे यहां आधुनिक तौर तरीके की सुख सुविधाएं होनी चाहिए थी, लेकिन यहां स्थिति इसके उलट है। विश्व धरोहर घोषित होने के बावजूद क्षेत्र के लोगों को बोझा ढोने के लिए घोड़े चलने योग्य रास्ते भी नहीं हैं। इन सभी मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा इस दौरान पंचायत प्रधान भाग सिंह, शांघड़ पंचायत की प्रधान सवित्रा देवी तथा महेंद्र सिंह पालसरा आदि मौजूद रहे।