नगर पंचायत भुंतर के पांच पार्षद उपायुक्त कुल्लू को अविश्वास प्रस्ताव की प्रति सौंपते हुए। संवाद
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कुल्लू। नगर पंचायत भुंतर की अध्यक्ष रविंद्रा डोगरा के खिलाफ पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इसकी एक प्रति पार्षदों ने उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश को सौंपी है। इसके माध्यम से उन्होंने उपमंडलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष बैठक बुलाकर इस अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने की मांग की है। 7 वार्ड वाली नगर पंचायत भुंतर में 5 पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव में हस्ताक्षर किए हैं जिसके चलते अब अध्यक्ष रविंद्रा डोगरा समेत सिर्फ दो ही पार्षद एक तरफ बचे हैं। ऐसे में अध्यक्ष की कुर्सी अल्पमत में आकर खतरे में पड़ गई है। अध्यक्ष के खिलाफ पांच पार्षद मंगलवार को उपायुक्त कुल्लू से मिले हैं और अध्यक्ष को कुर्सी से हटाने की मांग की है। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों में वार्ड नंबर एक से कर्ण ठाकुर, दो से मीना ठाकुर, चार से अजय किशोर, पांच से पवन कुमार और छह से उर्मिला देवी शामिल हैं। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव में अध्यक्ष पर आरोप लगाया है कि नगर पंचायत के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता का अभाव दिख रहा है। विकास कार्यों में अनियमितता और पक्षपात किया जा रहा है। इसके साथ नगर पंचायत के हितों की अपेक्षा की जा रही है।
ऐसे में उपरोक्त पार्षदों ने नगर पालिका अधिनियम 1994 तथा हिमाचल प्रदेश नगर पालिका (प्रधान एवं उप प्रधान का निर्वाचन तथा अविश्वास प्रस्ताव) नियम 1995 के प्रावधानों के अनुसार यह अविश्वास प्रस्ताव लाकर उपायुक्त को सौंपा है।
एक साल पहले बनी थीं अध्यक्ष
गौरतलब है कि रविंद्रा डोगरा 10 सितंबर, 2024 को अध्यक्ष बनी थीं। वह भी पूर्व अध्यक्ष मीना ठाकुर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हुई थीं। अब एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। ऐसे में अब उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने भी पार्षदों की ओर सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आगामी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।