बर्फबारी नहीं होने से लाहौल घाटी के भीतर वाहनों की आवाजाही जनवरी माह में भी जारी है। जबकि, जम्मू के किश्तवाड़ से होते हुए सड़क से लोगों को सर्दी के मौसम भी हरी सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं। लेकिन, हिमाचल पथ परिवहन निगम केलांग डिपो बंद होने से लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर में केलांग डिपो कार्यालय लाहौल में बंद कर दिया गया है। अब यह कार्यालय कुल्लू में चल रहा है।
घाटी के भीतर बसों की आवाजाही ठप होने से निजी वाहन चालक खूब चांदी कूट रहे हैं। टैक्सियों के अलावा घाटी के भीतर कुछ निजी मिनी बसें भी चल रही हैं, लेकिन एचआरटीसी की बसें नहीं चलने से निगम को रोजाना हजारों रुपयों का घाटा उठाना पड़ रहा है। टीएमसी नेता बलदेव शर्मा ने कहा कि घाटी में बर्फबारी का होना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी बर्फबारी होने तक घाटी के भीतर जनवरी में भी निगम की बसें चलाई गई हैं। लेकिन, इस बार बर्फ का बहाना बनाकर बसों की आवाजाही बंद कर दी गई है। बलदेव शर्मा ने कहा कि इससे पहले मंगलचंद मानेपा के बतौर आरएम कार्यकाल के दौरान जनवरी में भी बसों को चलाया गया है। लेकिन, इस बार केलांग डिपो ने अपने सभी चालकों और परिचालकों के साथ अन्य स्टाफ को भी कुल्लू शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में घाटी के भीतर सड़क बहाल होने के बावजूद जनता को सरकारी बसों की सेवा नहीं मिल पा रही है। यात्रियों को मजबूरन भारी भरकम किराया अदा कर टैक्सियों में सफर करना पड़ रहा है। उधर, जिप सदस्य रिगजिन समफेल हायरपा ने कहा कि जनता को सरकारी बसों की सेवा मुहैया करवाने को लेकर केलांग डिपो संजीदा नहीं है। यही वजह है कि सड़कें बहाल होने के बावजूद घाटी में बस सेवा बंद है।