मनाली के अलेऊ पेड़ को राखी बांधती कल्पना। संवाद
- फोटो : दीक्षा महोत्सव कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागी। स्रोत मंदिर प्रशासन
मनाली। भाई-बहन के अटूट प्रेम और रिश्ते के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर मनाली की पर्यावरण प्रेमी कल्पना ने अनूठी मिसाल पेश की। अलेउ निवासी कल्पना ने रक्षाबंधन पर एक पेड़ को लगातार 18वीं बार राखी बांधी। वह इस पेड़ को अपना भाई मानती हैं।
कल्पना ने बताया कि वह महज तीन वर्ष की उम्र से इस पेड़ को राखी बांध रही हैं। बचपन से ही पेड़-पौधों और प्रकृति के प्रति उनका विशेष लगाव रहा है। समय के साथ पेड़ के साथ उनका रिश्ता और मजबूत होता गया। उनके लिए यह महज एक पेड़ नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य और भाई के समान है। रक्षाबंधन पर पेड़ को राखी बांधने के साथ वह उसकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प भी लेती हैं।
पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बना चुकी कल्पना अब तक जिले के अलावा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, उत्तराखंड और लद्दाख सहित कई स्थानों पर 5,000 से अधिक पौधे रोप चुकी हैं। कल्पना मनाली के अलेउ की रहने वाली हैं और पर्यावरणविद् किशन लाल की बेटी हैं। पिता से मिले पर्यावरण संरक्षण के संस्कारों को उन्होंने अपने जीवन में उतारा है। संवाद