आरोप- हिमाचली कार्मिकों के साथ निदेशक मंडल कर रहा मनमानी
पार्वती प्रोजेक्ट इंप्लाइज यूनियन ने मुख्यमंत्री सुक्खू को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज/भुंतर (कुल्लू)। पार्वती प्रोजेक्ट इंप्लाइज यूनियन चरण तीन ने एनएचपीसी में तैनात हिमाचली कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति से भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा है। यूनियन के अध्यक्ष अमर सिंह ने कहा कि एनएचपीसी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने बपनी बनाई स्थानांतरण नीति का अनुसरण न कर एनएचपीसी के हिमाचली कार्मिकों के साथ भेदभाव एवं पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।
एनएचपीसी लिमिटेड के स्थानांतरण नीति के नियम 3.7 में प्रत्येक परियोजना स्थल, स्टेशनों व कार्यालय में गृह राज्य और अन्य राज्यों के कर्मचारियों का 50:50 के अनुपात में तैनाती दी जानी है, मगर निदेशक मंडल ने अपनी बनाई स्थानांतरण नीति का अनुसरण न कर परियोजनाओं में हिमाचली अधिकारियों की कम मात्रा में तैनाती दी है। एनएचपीसी में हिमाचली अधिकारियों को अन्य प्रदेशों में पोस्टिंग दी गई है। एनएचपीसी में हिमाचली अधिकारियों, कार्मिकों के प्रति एनएचपीसी का रुख नकारात्मक रहा है। डुगर जल विद्युत परियोजना चंबा जिले के पांगी में है। इसे प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए दुर्गम क्षेत्र घोषित किया है। एनएचपीसी ने हिमाचली अधिकारियों, कर्मचारियों की इन जगह तैनाती को सॉफ्ट पोस्टिंग और गैर हिमाचली अधिकारियों की पोस्टिंग को हार्ड पोस्टिंग घोषित किया है। पक्षपातपूर्ण नीति से एनएचपीसी के हिमाचली अधिकारियों और कर्मचारियों को चार साल की पोस्टिंग पर औसतन छह लाख का नुकसान हो रहा है। यूनियन ने मुख्यमंत्री से एनएचपीसी में हिमाचली अधिकारियों और कार्मिकों के प्रति समानता का व्यवहार नीति लागू करने की मांग की है।