मौसम खुलने से बीआरओ, एनएचएआई, एनएच और लोनिवि ने झोंकी ताकत
जिला के जनजीवन को पटरी पर लाने में प्रशासन को लगेगा समय
जिला में 169 सड़कों के साथ, 691 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद
रोशन ठाकुर
कुल्लू। दो दिन मौसम खुला रहने से जिला प्रशासन ने घाटी के अस्त-व्यस्त जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कुल्लू-मनाली हाईवे तीन पर एनएचएआई ने जगह-जगह एलएनटी मशीनें तैनात कर रिस्टोरेशन का काम शुरू कर दिया है।
हाईवे का नुकसान इतना अधिक है कि एनएचएआई को खूब पसीना बहाना होगा। हालांकि प्रशासन की पहली प्राथमिकता है कि किसी तरह से कुल्लू से मनाली तक संपर्क सड़क से जुड़ जाए। इससे सेब और फंसे सैलानियों को बाहर निकलने में आसानी होगी।
सड़क सीमा संगठन ने भी मनाली से लाहौल तक जगह-जगह बंद मनाली-लेह सामरिक मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। मनाली से अटल टनल के साउथ पोर्टल और फिर नॉर्थ पोर्टल और सिस्सू के बीच पागलनाला में हाईवे को भारी नुकसान हुआ है। बीआरओ ने एलएनटी और जेसीबी और डोजर के साथ कामगार तैनात किए हैं। एनएचएआई के लिए औट-बंजार-सैंज वाईवे-305 को खोलना चुनौती बन गया है। लारजी से घियागी तक हाईवे बार-बार बंद हो रहा है। इस पर छोटी गाड़ियां भी नहीं दौड़ रही हैं। बस सेवा दो माह से बंद है। बंजार-गुशैणी, भुंतर-मणिकर्ण सहित जिले में 169 सड़कों को बहाल करना होगा। सेब सीजन को देखते हुए विभाग ने जगह-जगह मशीनें लगा दी हैं। बिजली को बहाल करने का भी काम तेजी से चल रहा है। बिजली बोर्ड रात-दिन बिजली बहाल करने में जुटा है। अभी करीब 700 से 800 गांवों में अंधेरा छाया है।
अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता सड़कों को बहाल करना है। बागवानों के सेब को मंडियों तक पहुंचना जरूरी है। सभी तरह की मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। इसके लिए रात-दिन काम चल रहा है।