देशभर के प्रशिक्षुओं को परेशानी का करना पड़ रहा सामना
3.63 करोड़ से बनना है ब्यास किनारे सुरक्षा दीवार-स्ट्रक्चर
अजय कुमार
कुल्लू। देश के एकमात्र रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण केंद्र पिरड़ी (कुल्लू) के परिसर को बचाने और सौदर्यीकरण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इससे केंद्र में प्रशिक्षण लेने पहुंच रहे देशभर के प्रशिक्षुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा दीवार और सौदर्यीकरण का कार्य करीब 3.63 करोड़ की लागत से पूरा होना है। हालांकि, ब्यास नदी की ओर से सुरक्षा दीवार लगा दी गई है लेकिन इसी दीवार के साथ प्रशिक्षुओं को बैठने के लिए बनाए जाने वाले स्ट्रक्चर (शेड) का काम अधूरा पड़ा है।
गौर रहे कि हर बरसात ब्यास नदी में आने वाली बाढ़ से रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण केंद्र परिसर को नुकसान हो रहा था, नुकसान को कम करने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा इसी दीवार के साथ नदी किनारे बैठने के लिए शेड का निर्माण होना था जिनका पिछले एक माह से काम बंद पड़ा है। शेड का ढांचा तैयार कर दिया है लेकिन अभी तक छत नहीं लग पाई है। विभागीय लापरवाही के कारण देशभर से रिवर राफ्टिंग का प्रशिक्षण लेने आ रहे प्रशिक्षुओं को इससे असुविधाएं झेलनी पड़ रही हैं। जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अमित मिरूपा ने कहा कि सुरक्षा दीवार और स्ट्रक्चर का अधिकतर कार्य पूरा कर दिया गया है। जो कार्य शेष बचा है, उसे पूरा करने के आदेश ठेकेदार को दिए गए हैं।
केंद्र का बह गया था स्वीमिंग पूल
साल 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के कारण ब्यास नदी में बाढ़ से केंद्र का नवनिर्मित स्वीमिंग पूल बह गया था। इसके अलावा शौचालय, चैजिंग रूम और परिसर का बहुत बड़ा हिस्सा ब्यास में समा गया था। इसके कारण परेशानियां बढ़ गई थी। हालांकि, केंद्र की सुरक्षा के लिए पहले एक सुरक्षा दीवार का निर्माण हो गया था। वहीं, दूसरी दीवार और स्ट्रक्चर का काम जारी है।