बरसात के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी आवश्यक संसाधन, मशीनरी और मानव बल पहले से तैयार रखे जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। यह बात वीरवार को आयोजित समीक्षा बैठक में विधायक आनी लोकेंद्र कुमार ने कही। आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने, राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आनी में विधायक लोकेंद्र कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।
सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का विभागवार आकलन किया गया। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
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बैठक में भूस्खलन, सड़क अवरोध, बाढ़, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, संचार व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, राहत एवं बचाव कार्यों सहित मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने विभाग की तैयारियों और कार्ययोजना से विधायक को अवगत कराया। विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित सड़कों पर मशीनरी तैनात रखने, जल शक्ति विभाग को पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी करने और विद्युत विभाग को बिजली आपूर्ति बाधित होने पर शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा।