भुंतर में हैंगर के निर्माण की कवायद तेज, शिक्षा निदेशालय ने जारी किया अतिरिक्त बजट
कुल्लू में एयरक्राफ्ट उड़ान भरने का प्रशिक्षण ले सकेंगे कैडेट्स, नहीं जाना पड़ेगा पटियाला
राजीव नैय्यर
कुल्लू। कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा भुंतर में एनसीसी का हैंगर तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य पूरा करने के लिए सरकार, प्रशासन, एनसीसी एयर विंग, विमानापत्तन प्राधिकरण, शिक्षा और लोक निर्माण विभाग ने कवायद तेज कर दी है।
अधूरा पड़ा हैंगर का काम पूरा करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने अतिरिक्त बजट जारी कर दिया है। इसका निर्माण कार्य दो माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा के एक छोर पर एनसीसी एयर विंग के हैंगर का निर्माण होने से माइक्रोलाइट एयर क्राफ्ट को ठिकाना मिलेगा। प्रदेश के एनसीसी कैडेट्स को भुंतर में एयरक्राफ्ट उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश में हैंगर की व्यवस्था न होने से कैडेट्स को प्रशिक्षण के लिए पंजाब के पटियाला जाना पड़ता है। हिमाचल प्रदेश एनसीसी एयर स्क्वाड्रन-एक कुल्लू के विंग कमांडिंग ऑफिसर कमांडर कुणाल शर्मा ने कहा कि कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा भुंतर में हैंगर के निर्माण पर 1.96 करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है।
कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा में एयरक्राफ्ट रखने के लिए एक हॉल का निर्माण किया गया है। हैंगर में चार कमरे भी बनाए हैं। इनमें एक सुरक्षा कक्ष और बाकी स्टाफ के लिए रहेंगे। शौचालय की व्यवस्था भी होगी। -दुष्यंत ठाकुर, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग
पटियाला में हैं एनसीसी के दो माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट
हिमाचल प्रदेश एनसीसी एयर स्क्वाड्रन-एक कुल्लू के पास वर्तमान समय में दो माइक्रो लाइट एयर क्राफ्ट हैं, लेकिन हैंगर न होने से यह दोनों एयरक्राफ्ट पटियाला में ही हैं। प्रदेश के कैडेट्स को प्रशिक्षण के लिए पटियाला जाना पड़ता है।
हिमाचल से कैडेट्स एयर क्राफ्ट उड़ाने का प्रशिक्षण लेने के लिए पटियाला जाते हैं, लेकिन वहां का मौसम परेशान करता है। फ्लाइंग के लिए मौसम अनुकूल न होने से कैडेट्स को कई बार बिना प्रशिक्षण लिए लौटना पड़ता है। -मानव, कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर
प्रदेश के एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षण के लिए पटियाला जाना पड़ता है, लेकिन कम समय के कारण कैडेट्स अच्छे से प्रशिक्षण नहीं ले पाते हैं। उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। इससे कॅरिअर पर भी असर पड़ रहा है। -वैशाली, कैडेट वांरेंट ऑफिसर