शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में जिले के दुर्गा मंदिरों में आठवें नवरात्र के दिन भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रामशिला स्थित वैष्णों मंदिर, सरवरी में माता शीतला मंदिर, भेखली की भुवनेश्वरी जगन्नाथी, काइस की माता दशमी वारदा, न्योली रानी माता, पुईद के मदिर मां भुवनेश्वरी जगन्नाथी, पार्वती मंदिर चौंग, शबरी माता शूरू, देवी हिडिंबा मनाली, माता भीमाकाली जलोड़ी दर्रा सहित कुल्लू की देवियों के मंदिरों में श्रद्धालुओं और भक्तों का आस्था का मेला लगा रहा। देवियों के इन मंदिरों में दिनभर भक्तों और श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा ओर सुख-शांति के लिए शीश नवाया। आठवें नवरात्र में माता का महा गौरी का रूप माना जाता है।
पंडित श्याम बताते है कि शारदीय नवरात्र की आठवें रूप में माता अधिष्ठात्री देवी महा गौरी है। उनके मुताबिक अठारह गुणों की प्रतीक महागौरी अष्टंाग योग की अधिष्ठात्री है। वह धन-धान्य, गृहस्थी, सुख और शांति प्रदात्री है। आठवें नवरात्र पर रविवार को श्रद्धालुओं और भक्तों ने उपवास रखकर अपने मन की मुराद लेकर मां के दरबार पहुंचे।। कुल्लू के तमाम दुर्गा मंदिरों के अलावा अन्य मंदिरों में महा अष्ठमी नवरात्र के उपलक्ष्य पर खासी भीड़ उमड़ी। देवी-देवता कारदार संघ के सलाहकार एवं जगन्नाथ के कारदार झाबे राम ठाकुर ने कहा कि मां भुवनेश्वरी जगन्नाथी पुईद के मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा है। माता के जगरात से देव परंपरा से अष्टमी का शुभारंभ हुआ। उन्होंने कहा कि माता रघुनाथ की शोभा यात्रा के दौरान पुईद गांव की परिक्रमा करेंगी। देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि शारदीय नवरात्र में जिला के दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं और भक्तों का आस्था मेला लगा। उन्होंने कहा कि रविवार के दिन अष्टमी के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा तमाम मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक देखने को मिली।