उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी की मूरिंग पंचायत के दुर्गम गांव नैनगार तक सड़क फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दी गई है। इसके बहाल होने से चोखंग, छोगजिंग, गवाड़ी और नैनगार गांव के लोगों ने 17 दिन बाद राहत की सांस ली है। 24 फरवरी को समूची घाटी में हुई बर्फबारी के बाद मूरिंग-नैनगार सड़क यातायात के लिए बंद हो गई थी। इस बीच लोगों को नैनगार गांव से मूरिंग जीरो प्वाइंट सड़क तक एकतरफा आने में ही 14 किलोमीटर कदमताल करना पड़ रहा था। जहां से वह मुख्य सड़क से गाड़ियों का सहारा लेकर जिला मुख्यालय केलांग व उपमंडल उदयपुर की ओर आवाजाही करते थे। अब सड़क खुल जाने से लोगों की समस्या दूर हो गई है।
नैनगार सड़क सोमवार शाम को खुल गई है, इसको लेकर ग्रामीणों ने विभाग का आभार जताया है। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक ने विभाग को पहले ही निर्देश दे रखे हैं कि सबसे पहले दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र के संपर्क मार्गों को यातायात के लिए बहाल करें। उधर, दारचा पंचायत के अंतर्गत दुर्गम गांव योचे के लिए भी विभाग ने सड़क फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दी है।
लोक निर्माण विभाग चिनाव मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता पवन राणा ने बताया कि सोमवार शाम को मूरिंग-नैनगार सड़क को फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है। उन्होंने योचे संपर्क सड़क को भी फोर बाई फोर वाहनों के लिए खोलने की पुष्टि की है।