ब्यास-पार्वती नदी के संगम स्थल जिया में शाही स्नान करती माता पार्वती देवलूओ के साथ।-संवाद
रक्षाबंधन के दिन निभाई देव परंपरा, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी लगाई डुबकी
देव परंपरा का भव्य नजारा देखने के लिए संगम स्थल पर उमड़ा आस्था का सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। जिले की पार्वती घाटी की अधिष्ठात्री जगत जननी माता चौंगासना (पार्वती) ने देव परंपरा का निर्वहन किया। माता ने शनिवार की सुबह रक्षा बंधन के दिन ब्यास और पार्वती नदी के संगम स्थल जिया में शाही स्नान किया।
माता के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी संगम स्थल पर आस्था की डुबकी लगाई। इनमें महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल रहे।
गौर रहे कि माता चौंग गांव स्थित अपने देवालय से गत शुक्रवार को हारियानों और कारकूनों के साथ संगम स्थल के लिए रवाना हुई थीं। शाम को जिया गांव में रात्रि ठहराव के बाद माता शनिवार की सुबह संगम स्थल पर पहुंचीं।
संगम स्थल जिया में माता ने पहले देव परंपराओं का निर्वहन किया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद माता को शाही स्नान करवाया गया। भव्य देव परंपरा को देखने के लिए संगम स्थल पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कारकून हरीश, अर्जुन, दुर्गा दास, जगत राम और गुड्डू राम ने कहा कि माता ने इस पूर्णिमा को शाही स्नान करने के आदेश दिए थे। माता की आज्ञा का पालन करते हुए सभी देव नियमों और रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए शाही स्नान की परंपरा को निभाया गया। माता ने सुबह 08:00 बजे माता ने परंपरा को निभाते हुए शाही स्नान किया। संगम स्थल ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से भक्तिमय हो गया। माता के शाही स्नान को लेकर हारियानों में खुशी का माहौल रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी हारियानों ने शाही स्नान की परंपरा में हाजिरी भरी। माता के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।