वीकेंड पर उमड़ी सैलानियों की भीड़, पर्यटकों को नहीं मिले कमरे
सोझा, घियागी, जीभी और तीर्थन में पैक हुए होटल और होमस्टे
रोशन ठाकुर
कुल्लू। लंबे अरसे बाद बंजार के पर्यटन स्थलों की टूरिज्म इकाई पूरी तरह से पैक हो गई है। क्षमता से अधिक सैलानियों से आने से पर्यटक दिनभर घाटी में कमरे ढूंढते रहे। घाटी में करीब 500 होटल, होमस्टे, रेस्टहाउस और ट्री हाउस इकाइयों में एक भी कमरा नहीं मिला। ऐसे में कई सैलानियों को गाड़ागुशैणी, सैंज और कुल्लू का रुख करना पड़ा।
यही कारण है कि शनिवार को वीकेंड पर उमड़ी हजारों सैलानियों की भीड़ से जाम लगा रहा। बंजार से लेकर जलोड़ी दर्रा तक दिनभर पर्यटक वाहन जाम में फंसे रहे। एक तरफ जाम तो दूसरी तरफ कमरे नहीं मिलने से सैलानियों को परेशान होना पड़ा। जून शुरू होते ही बंजार के पर्यटन स्थल सैलानियों की रिकाॅर्ड भीड़ से छोटे पड़ गए। इसका असर पर्यटन स्थल जलोड़ी दर्रा, सरेयोलसर, रघुपुरगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। यहां भी रौनक आने से छोटे-छोटे कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। सोझा वैली टूरिज्म एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रकाश ने कहा कि वीकेंड के दो दिनों से पर्यटकों को कमरे नही मिल रहे हैं। उन्हें वापस कुल्लू और मनाली जाना पड़ रहा है।
पर्यटकों की रिकार्ड भीड़ से सैलानियों को ठहरने के लिए कमरे नहीं मिल रहे हैं। क्षमता से अधिक पर्यटकों के आने से ऑक्यूपेंसी पूरी तरह से पैक चल रही है। इसी कारण से शनिवार को बंजार से लेकर जीभी व सोझा तक दिनभर जाम लगा रहा।
- ललित कुमार, सचिव जीभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन
बंजार में हैं 500 पर्यटन इकाइयां
पर्यटन विभाग के अनुसार बंजार में करीब 500 पर्यटन इकाइयां है। इसमें होटल, होमस्टे, रेस्टहाउस व ट्रीहाउस हैं। इनमें लगभग 3,000 कमरों की क्षमता है। इस वीकेंड पर घाटी में 5,000 से अधिक पर्यटक पहुंचे। ऐसे में पर्यटकों को कमरे नहीं मिलने से उन्हें कुल्लू का रुख करना पड़ा।