कुल्लू। कोरोना की दूसरी लहर में जिले में मामले अब कम होने लगे हैं। इसके पीछे प्रशासन व पुलिस की सख्ती वजह मानी जा रही है। बिना कोविड टेस्ट रिपोर्ट के सीजन के लिए आने वाले प्रवासी मजदूरों के अलावा पर्यटकों को जिले में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कुल्लू जिले में बिना कोविड रिपोर्ट न तो प्रवासी मजदूर और न ही पर्यटकों को आने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद भी अगर कोई प्रवासी बिना कोविड रिपोर्ट के आता है तो उसे 14 दिनों तक क्वारंटीन रहना पड़ेगा। जिले की सब्जी मंडी भुंतर, बंदरोल सहित अन्य मंडियों में अभी तक 200 प्रवासी मजदूर काम करने के लिए पहुंच चुके हैं। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। सेब सीजन के लिए हर साल करीब सैकड़ों प्रवासी मजदूर बाहरी राज्यों से भी आते हैं। प्लम सीजन जून के दूसरे सप्ताह से रफ्तार पकड़ लेगा। ऐसे में कई मजदूरों के जिले में पहुंचने की उम्मीद है। गौर रहे कि सैकड़ों प्रवासियों को सेब सीजन के दौरान अस्थायी रूप से रोजगार मिलता है। प्रवासी मजदूरों को सेब तुड़ान, ढुलान और पैकिंग के लिए अच्छी दिहाड़ी मिलती है। लेकिन प्रवासी मजदूरों व पर्यटकों के चलते जिले में एक बार फिर कोरोना के मामलों में इजाफा न हो, इसके लिए पहले ही जिला प्रशासन सतर्क है। वर्ष 2020 में सीजन के लिए आए प्रवासियों के चलते कोरोना के मामलों में इजाफा हुआ था। लेकिन इस बार प्रशासन कोई ढील नहीं देना चाहता। बिना कोविड टेस्ट रिपोर्ट के पर्यटकों व प्रवासी मजदूरों को जिले में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग और एपीएमसी कार्य कर रहे हैं।
बिना कोविड टेस्ट रिपोर्ट के पर्यटकों और सीजन के लिए आ रहे मजदूरों को जिले में प्रवेश नहीं मिलेगा। जिले में कोरोना के मामले कम हुए हैं। इसके बावजूद प्रशासन अलर्ट है।
-डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम सदर