एनजीटी के समक्ष सबसे काबिल वकील को खड़ा कर मनाली के पर्यटन व्यवसायियों का पक्ष रखा जाएगा। मनाली पर्यटन कारोबार को लेकर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के उपाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने मनाली में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी। इस अवसर पर रोहतांग, सोलंग वैली आदि पर्यटन स्थलों में व्यवसायिक पर्यटन गतिविधियों को बंद करने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि वर्ष 2007 से इस समस्या के चेतावनी संकेत आने शुरू हो गए थे, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजन मनाली वासियों के लिए आज रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
मनकोटिया ने कहा कि वह कुल्लू-मनाली के पर्यटन व्यवसायियों के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री के साथ इस समस्या के समाधान को लेकर एक बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि एक ओर पर्यटन विभाग प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है तो दूसरी ओर पर्यटन गतिविधियों पर ऐसे प्रतिबंध लगाना सही नहीं है। इस अवसर पर हिलोपा के अध्यक्ष एवं कुल्लू के विधायक महेश्वर सिंह ने कहा कि स्थानीय संगठन एक एनजीओ बनाकर रोहतांग सहित अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यावरण संरक्षण, यातायात व्यवस्था, सफाई सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों के सही ढंग से संचालन की देखरेख करने की जिम्मेदारी ले।
ऐसी एक योजना बना कर एनजीटी के समक्ष अगर पेश की जाए तो समस्या के सुलझने की आशा की जा सकती है। इस अवसर पर मनाली टूरिस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर, होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर, होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण चंद, महासचिव मकरध्वज शर्मा और हिप्र पर्यटन विकास बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स के सदस्य विजय सोहल आदि मौजूद रहे।