जिला में इस वित्त वर्ष में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पांच आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जाएंगे। उपायुक्त कुल्लू हंसराज चौहान ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के मापदंड शीघ्र तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को बचत भवन में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति की बैठक डीसी कुल्लू हंसराज चौहान की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू में 1091 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जुलाई माह के अंत तक पूरक पोषाहार योजना पर 27 लाख 98 हजार रुपये की धनराशि खर्च की गई है। मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत पांचों विकास खंडों के 21 नि:सहाय महिलाओं के 37 पात्र बच्चों के बैंक खातों में 50 हजार रुपये जमा किए गए हैं। विधवा पुनर्विवाह योजना के अंतर्गत पांच महिलाओं को 2 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि व्यय की गई है।
राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजना और सबला योजना के अंतर्गत 14064 स्कूल जाने वाली तथा 926 स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को पोषाहार का लाभ दिया जा रहा है तथा 96 स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को पुन: शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल किया गया है। जिले में गठित 1676 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 16634 ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गाय पालने, सब्जी उत्पादन तथा हथकरघा व बुनाई कार्यों से जोड़ गया है। माता शबरी योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की 171 महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए हैं। जिला कुल्लू में 86 लाख 25 हजार की लागत से 19 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाएगा। जिसमें से 15 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन निर्माणाधीन भवनों पर 53 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उपायुक्त ने उपमंडल अधिकारियों को अपने-अपने मंडल में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी रघुबीर शर्मा, एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर, एसडीएम मनाली ज्योति राणा, एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र कुमार शर्मा और अन्य मौजूद थे।