अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश दवा विक्रेता संघ की ओर से एक दिन की हड़ताल की जाएगी। बुधवार, यानी 14 अक्तूबर को प्रदेश के सभी दवा विक्रेता अपनी दुकानें बंद रखेंगे। देशभर के आठ लाख दवा विक्रेता इस हड़ताल में शामिल रहेंगे। जिला दवा विक्रेता संघ के कोषाध्यक्ष अमन भल्ला के कुछ बिंदुओं पर दवा विक्रेताओं को आपत्ति है। विरोध के बावजूद सरकार उनके हितों से खिलवाड़ कर रही है।
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन फार्मेसी चलाने का प्रपोजल बनाया है, जिससे दवा विक्रेताओं के व्यवसाय को हानि होगी और साथ ही मरीजों तक निम्न स्तर की दवाएं पहुंचेंगी। ऑनलाइन फार्मेसी से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ेगी। वे दवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी, जो बाजार में उन्हें नहीं मिल पाती थीं। भल्ला के मुताबिक ऑनलाइन फार्मेसी से मरीजों को नुकसान होगा, क्योंकि जब मरीज दवा विक्रेता के पास दवा लेने आता है तो केमिस्ट उसे दवा के परिणाम और दुष्परिणामों के बारे में अवगत करवाया जाता है। गंभीर बीमारी वाले रोगियों को मानसिक तौर पर सुदृढ़ भी किया जाता है। वहीं, दूसरी ओर ऑनलाइन फार्मेसी संवेदना से परे होगी। मरीज उनके लिए मात्र एक खरीदार होगा। केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का यही एक विकल्प हैं।