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मणिकर्ण और बिजली महादेव के एक साथ हो सकेंगे दर्शन

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खराहल घाटी में पेच्छा-देऊघरा सड़क के लिए खुदाई करती मशीन।-संवाद - फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। जिला कुल्लू में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटकों और धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेच्छा-देऊघरा सड़क फायदेमंद साबित होगी।
लोक निर्माण विभाग बिजली महादेव और मणिकर्ण (कशावरी) घाटी को जोड़ने के लिए करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कर रहा है। इस सड़क से लोग एक साथ मणिकर्ण और बिजली महादेव के दर्शन कर सकेंगे। एक ही दिन में लोग इन दोनों धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। हालांकि अभी तक ऐसा कर पाना असंभव है। बिजली महादेव जाने के लिए अंतरराज्यीय बस अड्डे से धार्ठ तक करीब 25 किलोमीटर तक वाहनों में सफर करना पड़ता है। इसके बाद ढाई किलोमीटर का पैदल ट्रैक चढ़कर श्रद्धालु व पर्यटक खराहल घाटी की चोटी पर स्थित बिजली महादेव मंदिर पहुंच पाते हैं। बिजली महादेव से मणिकर्ण जाने के लिए उन्हें इतना ही वापस पैदल और वाहन में सफर कर कुल्लू पहुंचना पड़ता है। इसके उपरांत कुल्लू से मणिकर्ण के लिए 45 किलोमीटर का और सफर करना पड़ता है, लेकिन पेच्छा-देऊघरा सड़क का निर्माण होने से यह दूरी लगभग 20 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा मनाली और मणिकर्ण के बीच पहाड़ी पर बसा बिजली महादेव क्षेत्र अब धार्मिक समेत पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित होगा। सड़क का निर्माण होने से पर्यटक मनाली से मणिकर्ण वाया पेच्छा-देऊघरा होकर जा सकेंगे। इससे कम समय में पर्यटक तीसरे पर्यटन स्थल मनाली का भ्रमण भी कर सकते हैं। उधर, इस संबंध में लोनिवि के एसडीओ पवन काइथ ने कहा कि पेच्छा से देऊघरा तक करीब चार किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य जारी है।
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बिजली महादेव के लिए भी बननी है सड़क
लोनिवि बिजली महादेव के लिए भी सड़क का निर्माण करेगा। इस सड़क से भी दोनों घाटियों को जोड़ा जाएगा। बिजली महादेव की ओर से गोभा तथा मणिकर्ण की ओर देऊघरा तक सड़क का निर्माण हो चुका है। गोभा और देऊघरा को आपस से जोड़ने के लिए 6.1 किलोमीटर सड़क का सर्वे किया जा चुका है।
रोप-वे का भी मिलेगा फायदा
बिजली महादेव को धार्मिक समेत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए रोप-वे बनाने की योजना भी है। इसके निर्माण की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। हालांकि अभी रोप-वे को स्वीकृति नहीं मिली है। इसके बनने से घाटी के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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दोनों घाटियों को जल्द जोड़ेगा लोनिवि
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विनय हाजरी ने कहा कि जल्द बिजली महादेव और मणिकर्ण (कशावरी) घाटी को आपस में जोड़ा जाएगा। सड़क निर्माण का कार्य जारी है। खड़ी पहाड़ी और सख्त चट्टानें होने के कारण निर्माण में समय लग रहा है।
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