मनाली। सुक्खू सरकार के वार्षिक बजट में पर्यटन नगरी मनाली के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है। आपदा में पर्यटन कारोबार को पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए कोई खास घोषणा बजट में नहीं है। हालांकि हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गई घोषणाओं का मनाली को भी फायदा मिलेगा।
कई सालों से राज्य में हेलिपोर्ट विकसित करने की घोषणा की जा रही है। मनाली में भी हेलिपोर्ट बनाया जाना है। इसका कार्य भी शुरू हुआ था लेकिन ब्यास में आई बाढ़ में सब बह गया।
अब फिर हर जिले को हेलिपोर्ट से जोड़ने की घोषणा से उम्मीद बढ़ी है। नाइट पिकनिक की सुविधा शुरू करने और फ़िल्म शूटिंग के लिए सरल पॉलिसी बनाने की घोषणा से पर्यटन कारोबार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। 50 नई ईको टूरिज्म साइट विकसित करने के एलान से कारोबार को पंख लगने की उम्मीद है। इसके अलावा मनाली के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। धर्मशाला, शिमला में हवाई विस्तार का एलान तो हुआ लेकिन मनाली के लिए अलग से कोई परियोजना नहीं मिली।
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सरकार का बजट मिलाजुला है। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। ईको टूरिज्म साइट विकसित करने की योजना का कुल्लू, मनाली को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
-खूब राम भारद्वाज, हिमायलयन हॉलिडेज ट्रेवल कंपनी, मनाली
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मनाली के लिए सरकार ने बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने मनाली का जिक्र तक नहीं किया। हवाई सेवा विस्तार से लेकर नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर सरकार ने कोई घोषणा नहीं की।
-रोशन ठाकुर, अध्यक्ष होटलियर एसोसिएशन, मनाली