पाक और चीन की सीमा तक जाने वाले सामरिक महत्व वाले मनाली-लेह मार्ग को बहाल करने में बीआरओ के जवान बिना थके सात दिन चौबीस घंटे जोर लगा रहे हैं। खास बात यह है कि देश की सीमा पर तैनात प्रहरियों तक निर्बाध रसद और असलाह पहुंचाने के मकसद से बीआरओ के जवान खून जमा देने वाले माइनस डिग्री तापमान में भी दिन-रात पसीना बहा रहे हैं।
इन दिनों मनाली-लेह मार्ग को बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन की तीन टीमों ने मोर्चा संभाला हुआ है। गौर रहे कि पिछले साल के मुकाबले इस साल रोहतांग में दोगुना बर्फ की चादर बिछी है। जवानों को सड़क बहाल करने के लिए पत्थरनुमा बर्फ की दीवार को भेदना पड़ रहा है।
बीआरओ के कार्यकारी कमांडर मयंक मेहता ने बताया कि मार्ग पर इस साल पिछले साल के मुकाबले कमोबेश दोगुणा बर्फ गिरी है। वहीं रोहतांग जैसी चोटियों पर जीरो डिग्री से नीचे तापमान मार्ग बहाली की प्रक्रिया को चुनौती दे रहा है। बावजूद इसके बीआरओ के जवान निरंतर रोड पर जमी बर्फ की दीवार को हटाने में लगे हैं। उन्होंने आशा जताई कि डेढ़ हफ्ते में रोहतांग मार्ग को वाहनों के लिए बहाल कर दिया जाएगा। वहीं मई माह के दूसरे हफ्ते में मनाली-लेह मार्ग को पूर्णतया बहाल कर दिया जाएगा।