विधानसभा में उठा मुद्दा, निगरानी और जिम्मेदारी तय करने पर सरकार से जवाब तलब
संवाद न्यूज एजेंसी ं
कुल्लू। पर्यटन नगरी मनाली में अवैध स्पा सेंटरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में केवल 17 स्पा सेंटर ही पंजीकृत हैं, जबकि हकीकत में 150 से अधिक स्पा सेंटर बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं।
इन स्पा सेंटरों की निगरानी को लेकर आयुष विभाग और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि जिले, खासकर मनाली विधानसभा क्षेत्र में अवैध स्पा सेंटर कुकुरमुत्तों की तरह उग रहे हैं। शहर की लगभग हर गली और नुक्कड़ पर 170 से अधिक स्पा सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अधिकांश के पास कोई वैध पंजीकरण तक नहीं है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि बंद कमरों में चल रही गतिविधियां देवभूमि की संस्कृति और सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन स्पा सेंटरों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी किस विभाग की है। फिलहाल ये सेंटर केवल श्रम विभाग के शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकृत हो रहे हैं, जबकि इनकी निगरानी स्वास्थ्य या आयुर्वेद विभाग द्वारा की जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से पूछा कि इन स्पा सेंटरों के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) कब तक तैयार की जाएगी। इस पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन में आश्वासन दिया कि विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर जल्द ही SOP तैयार की जाएगी और स्पा सेंटरों को व्यवस्थित रूप से नियंत्रित किया जाएगा। विधायक द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद मनाली में अवैध स्पा सेंटरों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।