केलांग (लाहौल-स्पीति) चीन बॉर्डर के करीब से गुजरने वाले तांदी-संसारी और ग्रांफू-काजा-समदो हाईवे 505 को मुख्य सामरिक नेशनल हाईवे घोषित करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। नितिन गडकरी के एक दिवसीय लाहौल दौरे के दौरान हिमाचल के कैबिनेट मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने इस मांग को लेकर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री को सिस्सू में इस बारे मांगपत्र सौंपा है।
मारकंडा ने कहा कि चीन बॉर्डर तक जाने वाली ग्रांफू-काजा-समदो सड़क का मौजूदा दौर में सामरिक महत्व बढ़ गया है। तांदी-संसारी सड़क पठानकोट-श्रीनगर हाईवे को लाहौल में मनाली-लेह सामरिक मार्ग से जोड़ता है। सामरिक लिहाज से दोनों सड़कों का अहम रोल है। मारकंडा ने नितिन गडकरी को सौंपे पत्र में लिखा है कि सामरिक महत्व को देखते हुए दोनों सड़कों को मुख्य सामरिक नेशनल हाईवे घोषित किया जाए, जिससे दोनों सड़कों को निर्माण ओर तेज गति से हो सके। मारकंडा ने कहा कि तांदी-संसारी सड़क को भारतीय सेना भी पहले ही सामरिक लिहाज से अति महत्वपूर्ण घोषित कर चुका है। समदो-काजा-ग्रांफू सड़क भी ग्रांफू में मनाली-लेह हाईवे से जुड़ता है। यह मार्ग किन्नौर और स्पीति के चीन से सटे सेना और आईटीबीपी के चौकियों तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकता है। मारकंडा ने कहा कि नितिन गडकरी ने उनकी दोनों मांगों को जायजा ठहराते हुए इस मामले पर गंभीरतापूर्ण विचार करने का पूरा भरोसा दिया है। कहा कि दोनों मार्ग मुख्य सामरिक नेशनल हाईवे घोषित होने से सेना को मजबूती मिलने के साथ इलाके में पर्यटन को गति मिलेगा। लाहौल के सिस्सू पहुंचे केंद्रीय मंत्री व उनके परिवार के सदस्यों का घाटी के लोगों ने शुक्रवार दोपहर के आसपास सम्मानित किया।