कुल्लू शहर में स्कूल के समीप खुले शराब ठेके के मामले में एक और खुलासा
सबलेट की दुकान का इकरारनामा पेश कर आबकारी विभाग से लिया लाइसेंस
नगर परिषद खंगाल रही रिकॉर्ड, दावा-जानकारी जुटाने के बाद होगी कार्रवाई
गौरीशंकर
कुल्लू। शहर में स्कूल के समीप खुले शराब ठेके को लेकर जारी विवाद के बीच अब एक और खुलासा हुआ है। नगर परिषद से आवंटित दुकान को सबलेट कर निजी इकरारनामा के आधार पर शराब का लाइसेंस लिया गया जिससे नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई है।
शराब का यह ठेका पशु मैदान के छोर पर स्कूल के समीप खुला है। इसे खोलने के लिए एक व्यक्ति ने नगर परिषद से ली दुकान को सबलेट कर दिया है। व्यक्ति ने ठेका संचालक के साथ इकरारनामा किया है। बताया जा रहा है कि इस इकरारनामा को ठेका संचालक ने आबकारी एवं कराधान विभाग से दुकान का लाइसेंस लेने के लिए इस्तेमाल किया है। ऐसे में शराब की इस दुकान को खोलने के लिए नगर परिषद के दुकान आवंटन के नियमों को भी ताक पर रखा गया है। ऐसे में शराब का ठेका खोलने के लिए बड़े स्तर पर नियमों का उल्लंघन किया गया है। लिहाजा, इसको लेकर विभाग की कार्यप्रणाली भी कटघरे में आ गई है। हालांकि अभी तक नगर परिषद ने दुकान सबलेट करने के मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है। बताया जा रहा है कि नगर परिषद अभी दुकान का रिकाॅर्ड खंगाल रही है। लोगों के अनुसार तो यह दुकान पहले किसी और व्यवसाय के लिए ली गई थी। अब शराब ठेका संचालक के साथ इकरारनामा कर शराब बेचनी शुरू कर दी है।
लोग कर चुके हैं विरोध, स्कूल से 35 मीटर दूर ठेका होने का दावा
क्षेत्र के लोग शराब का ठेका खोलने को लेकर कड़ा विरोध जता चुके हैं। लोगों ने तर्क दिया है ठेका संचालकों की ओर से ठेके को वैद्य करार देने के लिए स्कूल और शराब ठेके की दूरी दर्शाने के लिए स्कूल भवन की सीमा खत्म होने के बाद लगे गेट से नापी गई है जबकि भवन और शराब ठेका की दूरी महज 35 मीटर दूर है। लोगों ने यह भी तर्क दिया है कि इससे स्कूल आने जाने वाले बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। इसके चलते इसे तुरंत बंद करना चाहिए।
जब हमारे ध्यान में यह मामला आया, तब से दुकान को लेकर नगर परिषद रिकॉर्ड खंगाल रही है। यह दुकान किसे आवंटित की गई थी और वर्तमान में यह दुकान कौन चला रहा है। ये तमाम जानकारियां नगर परिषद जुटाकर आगे की कार्रवाई करेगी। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू