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Kullu News: ... भूख की पीठ पर टंगी जिंदगी

Fri, 12 Sep 2025 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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15 किलोमीटर का पैदल सफर कर राशन लाने जा रहे मशियार पंचायत के लोग
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पेट की आग बुझाने के लिए पार करना पड़ रहा 12,000 फीट ऊंचा वशलेऊ जोत
आपदा के हफ्तों बाद भी सामान्य नहीं हुए हालात, सड़कें टूटीं, सेब पर भी संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बंजार उपमंडल की मशियार पंचायत में आपदा के हफ्तों बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। गांवों तक सड़कें टूट चुकी हैं और लोगों को राशन लाने के लिए 15 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
कुछ ग्रामीण तो 12,000 फीट ऊंचे वशलेऊ जोत को पार कर पीठ पर राशन ढोने को मजबूर हैं। फलाचन नदी की बाढ़ ने बंजार-बठाहड़-मशियार सड़क को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। इससे न सिर्फ खाने की समस्या गहराई है, बल्कि सेब सीजन में फसल को मंडियों तक पहुंचाना भी एक नई चुनौती बन गया है।
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मशियार पंचायत के पूर्व उपप्रधान प्रकाश ठाकुर ने बताया कि 13 अगस्त को फलाचन नदी में बाढ़ आने से बंजार, बठाहड़, मशियार सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण पंचायत के लोगों को 15 किलोमीटर दूर गुशौणी से खाद्य सामग्री पीठ पर ढोनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने तो आउटर सराज उपमंडल निरमंड के बागा सराहन से 12 हजार फीट की ऊंची वशलेऊ जोत से पार कर राशन लाया है। बाढ़ आने की घटना को एक महीना होने को है लेकिन गुशैणी-बठाहड सड़क अभी भी ठीक नहीं हो पाई है।
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उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत मशियार के साथ ग्राम पंचायत तुंग और ग्राम पंचायत शिल्ही भी इस सड़क से प्रभावित हुई है।तीनों पंचायतों में आजकल सेब का सीजन चला है लेकिन सड़क ठीक न होने से ग्रामीणों को सेब मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से आग्रह किया है कि गुशौनी-बठाहड़-मशियार सड़क को जल्द ठीक करें। उन्होंने बताया कि इन दिनों घाटी के मशियार, मंझली, कमेड़ा, घलिंगचा, ठानेगाड़ सहित क्षेत्र के गई गांवों के लोग राशन और अन्य खाद्य सामग्री के संकट से जूझ रहे हैं।
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